नई दिल्ली, 30 मई: सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले पर सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। अदालत ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार एवं National Testing Agency (NTA) से पूछा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के कारण जांच निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रश्नपत्र लीक होने से कई परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ मिला, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई। वहीं केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल जांच शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अदालत ने परीक्षा संचालन एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया।
देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है।