रांची, 30 मई: झारखंड में बालू संकट के बीच सरकार ने बालू घाटों के संचालन और नीलामी प्रक्रिया में तेजी लानी शुरू कर दी है। खान एवं भू-तत्व विभाग की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक 299 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि 145 घाटों की नीलामी प्रक्रिया अभी लंबित है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 35 बालू घाटों को पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा 21 घाटों की लीज डीड प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। वहीं 6 बालू घाटों को ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) मिल गया है, जिससे इन घाटों से जल्द बालू उठाव शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
राज्य में लंबे समय से बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई जिलों में बालू की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सरकार का कहना है कि लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर जल्द अधिक से अधिक घाटों को चालू कराया जाएगा, ताकि बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ सके और अवैध खनन पर भी रोक लगाई जा सके।
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन घाटों को ईसी, लीज डीड और सीटीओ की मंजूरी मिल रही है, वहां निर्धारित नियमों के तहत संचालन शुरू कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून से पहले अधिकाधिक घाटों को चालू कर निर्माण कार्यों को राहत दी जाए।