कजाकिस्तान/दिल्ली, 15 जुलाई: भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन ने मंगलवार को रूस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से अपनी पहली ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान भरी। कजाकिस्तान स्थित बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से हुए इस प्रक्षेपण के साथ वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए। उनके साथ रूस के कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकीना भी मिशन का हिस्सा हैं।
डॉ. अनिल मेनन भारतीय मूल के पहले नासा अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने रूस के सोयुज यान से ISS की लंबी अवधि की उड़ान भरी है। यह उनका पहला अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें वे लगभग आठ महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर चिकित्सा, मानव स्वास्थ्य, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण और भविष्य के चंद्र एवं मंगल अभियानों से जुड़े वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लेंगे।
डॉ. मेनन पेशे से चिकित्सक, बायोमेडिकल इंजीनियर और नासा के अंतरिक्ष यात्री हैं। वे पहले स्पेसएक्स के फ्लाइट सर्जन भी रह चुके हैं। उनका यह मिशन अंतरिक्ष अनुसंधान में भारतवंशी वैज्ञानिकों की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है। इस उड़ान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग को नई मजबूती दी है।