रांची, 24 जुलाई: झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा-2025 के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए JPSC को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि पीटी परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच कराई जाए तथा मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। कुछ याचिकाओं में पीटी परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और आयोग ने कट-ऑफ सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं कीं।
हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह सभी आरोपों पर शपथपत्र के माध्यम से अपना पक्ष स्पष्ट करे। आयोग के जवाब के बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
उल्लेखनीय है कि JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा को लेकर हाल के दिनों में विवाद लगातार बढ़ा है। कथित अनियमितताओं की जांच CID द्वारा की जा रही है और इसी क्रम में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के आवास और JPSC कार्यालय में भी छापेमारी की गई है। इसके चलते आयोग ने मुख्य परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है।