नई दिल्ली/पटना, 24 जुलाई: NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जांच के दौरान संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि वह प्रश्नपत्र की चोरी या उसके वितरण में शामिल था। इसी आधार पर एजेंसी ने उसे इस मामले में क्लीन चिट दे दी और उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की।
CBI के अनुसार, बिहार पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान अन्य पेपर लीक मामलों में कथित संलिप्तता के आधार पर संदेहवश संजीव मुखिया का नाम प्राथमिकी में शामिल किया था। हालांकि, जब मामले की जांच CBI ने अपने हाथ में ली, तो विस्तृत जांच, डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर उसकी भूमिका की पुष्टि नहीं हो सकी।
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उसने NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र चोरी और लीक की पूरी साजिश का खुलासा कर लिया है तथा प्रश्नपत्र की चोरी, वितरण और उससे लाभ उठाने वाले सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में अब तक 45 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, लेकिन संजीव मुखिया के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसका नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया।
CBI ने यह भी कहा कि संजीव मुखिया को लेकर चल रही कुछ चर्चाएं और दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। एजेंसी का कहना है कि किसी व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर आरोपी नहीं बनाया जा सकता और अभियोजन के लिए ठोस एवं न्यायिक रूप से स्वीकार्य साक्ष्य आवश्यक होते हैं।
हालांकि, CBI की इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि संजीव मुखिया का नाम पूर्व में कई अन्य परीक्षा पेपर लीक मामलों में भी सामने आता रहा है, लेकिन NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के अभाव में उसे क्लीन चिट दी गई है।