रांची, 24 जुलाई: झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। गुरुवार को अपराध अनुसंधान विभाग की टीम ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के रांची स्थित कांके रोड आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।
सीआईडी अधिकारियों ने आवास पर मौजूद JPSC से संबंधित दस्तावेजों, फाइलों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहन जांच की। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसे लेकर जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जुलाई को CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने JPSC मुख्यालय, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल (TSR Data Processing Pvt. Ltd.) तथा अन्य संबंधित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। उस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे। प्रारंभिक जांच में मिले इनपुट के आधार पर CID ने 22 जुलाई को मामला दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया।
उल्लेखनीय है कि JPSC कार्यालय में हुई छापेमारी और जांच के बीच एल. ख्यांग्ते ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उन्होंने इस्तीफे के कारणों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की और सरकार की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
सीआईडी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर बनी हुई है।