गुजरात में UCC को राष्ट्रपति की मंजूरी, नियम जारी होने के बाद होगा लागू

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गांधीनगर, 03 अक्टूबर: गुजरात में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 को 17 सितंबर को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक सूची में भी इसकी पुष्टि की गई है। विधेयक को गुजरात सरकार के राजपत्र में 1 अक्टूबर को प्रकाशित किया गया।

हालांकि, UCC अभी तत्काल प्रभाव से लागू नहीं हुआ है। कानून के प्रावधान राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में इसकी प्रभावी तिथि और नियम अधिसूचित किए जाने के बाद लागू होंगे। गुजरात इस कानून को मंजूरी मिलने वाला उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है।

गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च 2026 को करीब सात घंटे से अधिक की चर्चा के बाद UCC विधेयक पारित किया था। कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों के लिए धर्म से इतर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है।

प्रस्तावित कानून में विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, तलाक की समान व्यवस्था और उत्तराधिकार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसमें बहुविवाह पर रोक का प्रावधान है। पुरुषों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष रखी गई है। विवाह होने के बाद निर्धारित अवधि में उसका पंजीकरण कराना भी जरूरी होगा।

UCC में लिव-इन संबंधों के पंजीकरण और उनके समाप्त होने की प्रक्रिया को भी कानूनी ढांचे में शामिल किया गया है। कानून में अनुसूचित जनजातियों तथा संविधान के तहत संरक्षित कुछ परंपरागत अधिकारों वाले समूहों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

सरकार ने इसे समान नागरिक अधिकारों और एक समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में कदम बताया है, जबकि विपक्ष ने विधेयक के कुछ प्रावधानों और इसके पारित करने की प्रक्रिया पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।