नई दिल्ली, 01 अक्टूबर: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए कंपाउंड तीरंदाजी की तीनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने महिला टीम, मिश्रित टीम और पुरुष टीम तीनों वर्गों में गोल्ड अपने नाम किया।
पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा के फाइनल में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की भारतीय तिकड़ी ने चीन को रोमांचक मुकाबले में 238-237 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले में भारतीय टीम ने दबाव के बावजूद शानदार निशानेबाजी करते हुए अंतिम क्षणों में एक अंक की बढ़त बनाए रखी।
इससे पहले महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
वहीं, कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड हासिल किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में कोटा स्थान भी हासिल किया।
तीरंदाजी में तीन स्वर्ण पदकों के अलावा भारत ने 30 सितंबर को निशानेबाजी में भी स्वर्ण पदक जीता। इस तरह एशियन गेम्स के इस दिन भारत की झोली में कुल चार स्वर्ण पदक आए।
भारतीय तीरंदाजों के इस प्रदर्शन से एशियन गेम्स में देश की पदक तालिका को भी मजबूती मिली है। कंपाउंड तीरंदाजी की तीनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतना भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।