बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन पर आरोप गठित, अब ट्रायल की प्रक्रिया होगी शुरू

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रांची, 01 अक्टूबर: रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप गठित कर दिए। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में हुई कार्यवाही में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। आरोप पढ़े जाने के बाद उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया।

प्रवर्तन निदेशालय का मामला बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर किया गया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन के स्वामित्व में बदलाव की प्रक्रिया अपनाई गई। एजेंसी ने मामले में हेमंत सोरेन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।

आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मामले में ट्रायल आगे बढ़ेगा। अदालत की ओर से अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

इससे पहले हेमंत सोरेन की ओर से आरोप गठन की प्रक्रिया रोकने और कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। झारखंड हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को ट्रायल की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। बुधवार को हाईकोर्ट में भी मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें ईडी से अतिरिक्त हलफनामा मांगा गया और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई।

मामले में आरोप गठित होना दोष सिद्ध होना नहीं है। अब ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करेगा तथा बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।