रांची, 23 सितंबर: बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अदालत से राहत नहीं मिली। पीएमएलए की विशेष अदालत ने मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मामले में आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से दलील दी गई कि मामले में ईडी की आगे की जांच जारी है और पूरक शिकायत दाखिल किए जाने की संभावना है। ऐसे में जांच पूरी होने तक आरोप गठन की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना चाहिए। वहीं, ईडी ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि आगे की जांच जारी रहने से मूल शिकायत के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष अदालत ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच जारी रहने के आधार पर मूल शिकायत में आरोप तय करने की प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। अब मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
इससे पहले 18 सितंबर को झारखंड हाई कोर्ट ने भी हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने और डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश में हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
सोमवार को तकनीकी समस्या के कारण अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी नहीं हो सकी थी। इसके बाद आरोप तय करने की सुनवाई को 24 सितंबर तक टाल दिया गया था।