रांची, 23 सितंबर: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंत्रिमंडल में रिक्त पदों में से एक के लिए दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा प्रमुखता से हो रही है। हालांकि, उन्हें मंत्री बनाए जाने को लेकर सरकार या झामुमो की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सुदिव्य कुमार सोनू का छह सितंबर को निधन होने के बाद हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में एक और पद रिक्त हो गया है। इससे पहले पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद भी एक पद खाली हुआ था। सुदिव्य सोनू के पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। फिलहाल इन विभागों का कामकाज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देख रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा का एक आधार झारखंड में पहले सामने आए ऐसे उदाहरण भी हैं। जगरनाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इसी तरह हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल हसन को मंत्री बनाया गया था। इसी पृष्ठभूमि में सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा को भी राजनीतिक जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर 25 सितंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक के बाद तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में 26 सितंबर के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना का उल्लेख किया गया है। हालांकि, अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और झामुमो नेतृत्व को लेना है।
वहीं, सुदिव्य सोनू के निधन के बाद रिक्त हुई गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर भी श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा है। उन्हें संभावित प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें भी सामने आई हैं, लेकिन इस संबंध में भी झामुमो ने अभी कोई आधिकारिक फैसला घोषित नहीं किया है।