रांची, 12 अगस्त: झारखंड में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान को युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि अब तक राज्य के 8,500 से अधिक युवा परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि अभियान के तहत प्राप्त सुझावों में OMR व्यवस्था, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। युवाओं ने JPSC समेत दोनों आयोगों की परीक्षा व्यवस्था में संवैधानिक दायरे के भीतर आवश्यक सुधार को लेकर भी सुझाव दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि वर्तमान चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो।
उन्होंने झारखंड के युवाओं से अपील की कि वे अभियान के माध्यम से अपने सुझाव लगातार सरकार तक पहुंचाते रहें। उन्होंने कहा कि युवाओं का एक सुझाव भी राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकता है और इससे झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल राज्य सरकार का प्रयास नहीं होगा। इसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के जरिए सरकार युवाओं की राय और सुझावों को सुधार प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रही है।
युवा साथी अपने सुझाव samvad.jharkhand.gov.in के माध्यम से दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी राय देने की अपील की।