रांची, 28 जून: गैस बिल, ट्रैफिक चालान और सरकारी नोटिस के नाम पर लोगों के मोबाइल में खतरनाक APK फाइल भेजकर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का मुंबई क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में झारखंड और दिल्ली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह देशभर में हजारों लोगों को निशाना बना चुका है और करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से इसका संबंध सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए गैस बिल बकाया, ट्रैफिक चालान, बिजली बिल या सरकारी नोटिस के नाम पर फर्जी संदेश भेजते थे। इन संदेशों के साथ एक APK फाइल होती थी, जिसे डाउनलोड करते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो जाता था। इसके बाद साइबर अपराधी बैंकिंग ऐप, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाकर खातों से पैसे निकाल लेते थे।
जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में पांच झारखंड और एक दिल्ली का निवासी है। पुलिस को इनके नेटवर्क का संबंध देशभर में दर्ज 3,000 से अधिक साइबर शिकायतों से मिला है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में 43 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका जताई गई है। मुंबई में ही इस गिरोह के खिलाफ 93 मामले दर्ज पाए गए हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त APK फाइल, लिंक या सरकारी नोटिस के नाम पर भेजे गए संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार के चालान, गैस या बिजली बिल की जानकारी केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही सत्यापित करें। यदि कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त हो या ठगी का शिकार हों तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।