रामगढ़, 19 मई: जिले के उपायुक्त ऋतुराज ने सोमवार को चितरपुर प्रखंड का दौरा कर राजस्व शिविर, प्रखंड सह अंचल कार्यालय और बाल विकास कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रखंड, अंचल एवं बाल विकास कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने राजस्व शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं राजस्व सेवाओं का लाभ आमजनों तक पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन करने तथा लंबित मामलों के लिए स्पष्ट समय सीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने दाखिल-खारिज से संबंधित प्रमाण पत्रों का भी वितरण किया।
इसके बाद उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अभिलेखों का संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया। कई महत्वपूर्ण पंजियों एवं दस्तावेजों का रख-रखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली। इसके अलावा कार्यालय संचालन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी कई अनियमितताएं पाई गईं।
उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में भी कार्यालयों के समुचित संधारण, अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को लेकर निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका अनुपालन नहीं किया गया। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ अग्रेतर कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।