नई दिल्ली/कोलकाता, 04 जुलाई: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में लगभग चार महीने बाद केंद्र सरकार ने कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (डिसिप्लिनरी प्रोसीडिंग्स) शुरू करने की सिफारिश की है।
यह मामला मार्च 2026 में उस समय सामने आया था, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंची थीं। राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर नाराजगी जताई थी कि उनके स्वागत के लिए राज्य की मुख्यमंत्री, कोई मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल में बदलाव, यात्रा मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी ‘ब्लू बुक’ प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप लगे थे।
घटना के बाद गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। राज्य सरकार ने अपनी ओर से जवाब भेजते हुए परिस्थितियों का स्पष्टीकरण दिया था और आरोपों का खंडन किया था।
अब करीब चार महीने बाद केंद्र ने मामले की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि, अब तक किसी अधिकारी पर अंतिम दंडात्मक आदेश जारी नहीं किया गया है।
इस मामले को लेकर पहले भी केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हुए कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर राज्य और केंद्र आमने-सामने आ गए थे।