फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया, लगातार दूसरी बार बनी एशियाई चैंपियन; लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट भी पक्का
नई दिल्ली, 04 अक्टूबर: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी ने इतिहास रच दिया। महिला टीम के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा। हरमनप्रीत ने 11वें और 57वें मिनट में दो गोल किए। उनके अलावा जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल दागकर भारत की जीत पक्की की। मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेल्लो सिल्वेरियस ने किया।
यह एशियन गेम्स हॉकी इतिहास में भारत का पांचवां पुरुष स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय टीम 1966, 1998, 2014 और 2022 में स्वर्ण जीत चुकी थी। 2026 की जीत के साथ भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम किया।
इस बार भारतीय हॉकी के लिए उपलब्धि और भी खास रही, क्योंकि पुरुष और महिला दोनों टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। महिला टीम ने इससे पहले चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड हासिल किया था।
पुरुष टीम के इस स्वर्ण के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 21 हो गई और कुल पदक संख्या 85 पहुंची।