रांची, 03 अक्टूबर: नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में पटना की सीबीआई विशेष अदालत में 53 आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की कार्यवाही शुरू हो गई है। गुरुवार को सुनवाई के पहले दिन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के तत्कालीन महानिदेशक प्रदीप सिंह कारोला की गवाही दर्ज की गई। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
नीट-यूजी 2024 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में जांच आर्थिक अपराध इकाई से होते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई। सीबीआई ने जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किए हैं। जुलाई 2026 में सीबीआई ने कहा था कि उसने प्रश्नपत्र चोरी, उसके वितरण और कथित लाभार्थियों से जुड़े नेटवर्क की जांच की है।
विशेष अदालत ने 24 सितंबर 2026 को 52 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसके बाद अब 53 आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हुई है। रिपोर्ट के अनुसार एक आरोपित अभी फरार है।
इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की थी। इन अदालतों में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर मामलों को शीघ्र निपटाने का उद्देश्य रखा गया है।
एनईईटी-यूजी 2024 पेपर लीक प्रकरण में अब गवाहों की गवाही, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत में सुनवाई आगे बढ़ेगी। मामले में अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही आरोपितों की कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।