रामगढ़, 04 जून: महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य तथा मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को रामगढ़ समाहरणालय सभाकक्ष में ‘चुप्पी तोड़ो अभियान’ के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला सह शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मासिक धर्म कोई बीमारी या शर्म का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन और मातृत्व की प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त संकोच और भ्रांतियों को दूर करना समय की आवश्यकता है। ‘चुप्पी तोड़ो अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद स्थापित करना और जागरूकता फैलाना है।
उप विकास आयुक्त अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महावारी स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविका और एएनएम जैसी जमीनी स्तर की कार्यकर्ता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य पूरे परिवार की मजबूती का आधार है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और रूढ़ियों को समाप्त करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने सहिया, सेविकाओं और किशोरियों के बीच सांकेतिक रूप से सैनिटरी पैड का वितरण किया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने मासिक धर्म संबंधी भ्रांतियों को दूर करने और समाज में जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ ली। उपायुक्त ने एएनएम और जलमित्रों को गांव-गांव जाकर महिलाओं को सैनिटरी पैड के सही उपयोग एवं सुरक्षित निपटान के बारे में जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
कार्यशाला में विभिन्न प्रखंडों से आई जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं, एएनएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का संदेश दिया गया।