बिरसा हरित ग्राम योजना में आमों की धूम, जेएसएलपीएस की पहल से किसानों को मिला बाजार और बेहतर दाम

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रामगढ़, 04 जून: झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी रामगढ़ की पहल से जिले के किसानों और सखी मंडल की दीदियों की मेहनत अब आमदनी में बदलने लगी है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाए गए आम के बागानों से इस वर्ष बेहतर उत्पादन हुआ है। किसानों को बिचौलियों से मुक्त बाजार उपलब्ध कराने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से जेएसएलपीएस द्वारा जिले के सभी छह प्रखंडों- चितरपुर, दुलमी, गोला, मांडू, पतरातू और रामगढ़ सदर- में विशेष बिक्री केंद्र स्थापित कर ताजे एवं रसायन-मुक्त आमों की सीधी बिक्री शुरू की गई है।

इस पहल को आम जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। बिक्री के आंकड़ों के अनुसार गोला प्रखंड परिसर में सर्वाधिक एक क्विंटल (100 किलो) आम की बिक्री हुई। वहीं रामगढ़ सदर स्थित डीसी कार्यालय परिसर के समीप 50 किलो, चितरपुर के बाजारटांड़ में 50 किलो तथा पतरातू के भुरकुंडा चौक पर 50 किलो आम की बिक्री दर्ज की गई। मांडू प्रखंड परिसर में 28 किलो और दुलमी के जमीरा चौक में 20 किलो आम बिके।

ग्राहकों के बीच इन आमों की मांग इतनी अधिक रही कि अधिकांश केंद्रों पर दोपहर तीन बजे तक पूरा स्टॉक समाप्त हो गया। लोगों की ओर से अब भी आमों की मांग लगातार बनी हुई है।

बिक्री केंद्रों पर आम्रपाली, मल्लिका और दशहरी जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कच्चे और सामान्य आम 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पके हुए आम 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचे जा रहे हैं।

जेएसएलपीएस की इस पहल से जहां उपभोक्ताओं को ताजे, स्वादिष्ट और रसायन-मुक्त आम मिल रहे हैं, वहीं ग्रामीण किसानों और सखी मंडल से जुड़े परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।