रांची, 19 जुलाई: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे व्यक्ति को जबरन हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जिसका जवाब देश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार संवाद के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाती है तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले। झामुमो ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर लंबे समय से अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों और न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इस कार्रवाई के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं।