गुवाहाटी, 28 मई: असम विधानसभा ने बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक 2026 को पारित कर दिया। इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। भाजपा सरकार ने इसे “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए सामाजिक समानता और महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा फैसला बताया है।
मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की सरकार द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में बहुविवाह पर रोक, विवाह एवं तलाक के अनिवार्य पंजीकरण और लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन जैसी प्रमुख व्यवस्थाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू होगा और महिलाओं को अधिक कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
विधानसभा में बिल को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने बहुमत के आधार पर इसे पारित करा लिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने बिना व्यापक चर्चा और सामाजिक सहमति के जल्दबाजी में यह कानून लागू किया है।
सरकार के अनुसार UCC के दायरे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों के लिए एक समान कानून लागू होगा। हालांकि असम की अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है ताकि उनकी पारंपरिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह कानून भाजपा के चुनावी वादों का हिस्सा था और इसका उद्देश्य समाज में समानता स्थापित करना है। उन्होंने इसे महिलाओं और खासकर अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम कदम बताया।