रामगढ़, 24 मई: झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बार फिर किसानों की टूटी कमर दिखाई दी है। बाजार में भिंडी और गोभी मात्र 1-2 रुपये किलो बिकने पर किसानों ने अपनी मेहनत की फसल ट्रैक्टर के नीचे रौंद दी। यह दर्दनाक घटना चितरपुर प्रखंड के बड़कीपोना गांव में हुई, जहां किसान राधेश्याम महतो ने अपनी एक एकड़ में लगी पत्ता गोभी की पूरी फसल नष्ट कर दी।
कुछ दिन पहले गोला क्षेत्र में भी किसानों ने फूलगोभी पर ट्रैक्टर चलाकर फसल बर्बाद कर दी थी। किसानों का कहना है कि खेती की लागत 10-15 रुपये किलो तक पहुंच रही है, लेकिन मंडी में दाम 2 रुपये से भी नीचे मिल रहे हैं। फसल तोड़कर मंडी ले जाने का खर्च भी नहीं निकल पा रहा, इसलिए मजबूरन खेत में ही ट्रैक्टर चला दिया।
राधेश्याम महतो ने बताया, “महीनों की मेहनत, बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी का खर्च निकालने के बाद भी कुछ नहीं बच रहा। 2 रुपये किलो में बेचने से तो नुकसान और बढ़ जाएगा। बेहतर है खेत में ही खत्म कर दें।”
स्थानीय किसान नेता और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में सब्जियों का उत्पादन ज्यादा हो गया है। कोल्ड स्टोरेज की कमी, मध्यस्थों का शोषण और दूरदराज की मंडियों तक पहुंच न होने से दाम गिर गए हैं। झारखंड जैसे राज्य में छोटे किसान (ज्यादातर 1-2 एकड़ जमीन वाले) इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
यह घटना किसानों की आय दोगुनी करने के सरकारी वादों पर सवाल उठा रही है। हालांकि झारखंड सरकार मुख्यमंत्री ट्रैक्टर योजना के तहत 50% सब्सिडी पर ट्रैक्टर दे रही है, लेकिन बाजार सुधार, कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क और सीधे खरीद की व्यवस्था अभी भी कमजोर है।