चतरा-हजारीबाग सीमा पर नक्सलियों पर बड़ा प्रहार: 15 लाख के इनामी सहदेव महतो समेत 4 ढेर, पत्नी नताशा भी मारी गई

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रांची/चतरा, 18 अप्रैल 2026: झारखंड के चतरा जिले के पिपरवार और हजारीबाग के केरेदारी थाना क्षेत्र के बटुका-खपिया घने जंगलों में शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की। गुप्त सूचना पर चतरा पुलिस, हजारीबाग पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ की, जिसमें चार कुख्यात नक्सली मारे गए।

मारे गए नक्सलियों में प्रमुख नाम सहदेव महतो (उर्फ शाहदेव महतो) का है, जो सब-जोनल कमांडर था और उसके सिर पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ उसकी पत्नी नताशा (महिला नक्सली, सब-जोनल कमेटी सदस्य), एरिया कमांडर बुधन कर्माली और रणजीत गंजू भी ढेर हो गए।

सूत्रों के अनुसार, सहदेव महतो अपने दस्ते के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया जानकारी मिली, जिसके आधार पर ‘ऑपरेशन कोटिनीर’ चलाया गया। दोपहर के समय शुरू हुई मुठभेड़ घंटों तक चली। सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से नक्सली बिखर गए और चार शव मौके पर ही पड़े मिले।

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए, जिनमें दो AK-47 राइफल, 1 INSAS राइफल, 1 Colt AR-15 और सैकड़ों कारतूस शामिल हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है, जिसमें और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस और कोबरा कमांडो की टीम पूरी तरह सुरक्षित रही। कोई जवान घायल नहीं हुआ। अधिकारियों ने इसे झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

झारखंड सरकार और पुलिस महानिदेशक ने इस सफलता पर सुरक्षा बलों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है और राज्य में शांति स्थापना के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई हाल के महीनों में नक्सल विरोधी अभियानों की कड़ी में एक और बड़ी कामयाबी है, जो माओवादियों के मनोबल को तोड़ने में मददगार साबित होगी।