रांची, 18 अप्रैल: झारखंड विधानसभा की गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन ने राजनीति में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की जोरदार मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की आधी आबादी हैं, इसलिए उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी आधी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
कल्पना सोरेन ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बयान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, “महिलाएं समाज की आधी आबादी हैं। अगर हम वास्तव में समानता और न्याय की बात करते हैं, तो राजनीति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। केवल 33 प्रतिशत पर्याप्त नहीं है।”
वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, जो जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। कई राज्य पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में पहले से ही 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर महिलाओं का नेतृत्व बढ़ा है। कल्पना सोरेन ने इसी मॉडल को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विस्तार देने की वकालत की।
कल्पना मुर्मू सोरेन स्वयं राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गांडेय सीट से दो बार विजयी हुईं। वे झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष भी हैं। हाल ही में उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में BRICS CCI WE ट्रेलब्लेजर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने हमेशा झारखंड की ‘माईयां सम्मान योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया है।
महिला संगठनों और कुछ राजनीतिक दलों ने कल्पना सोरेन के इस बयान का स्वागत किया है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने में पार्टी टिकट वितरण, योग्य उम्मीदवारों की उपलब्धता और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
कल्पना सोरेन का यह बयान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाली बहस को नई दिशा देता है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।