नई दिल्ली, 03 जून: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही OSM प्रणाली की खरीद और क्रियान्वयन की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया है।
हालांकि, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि केवल अधिकारियों का तबादला करना जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीबीएसई में हुई कथित अनियमितताओं और मूल्यांकन संबंधी विवादों की जिम्मेदारी सीधे शिक्षा मंत्रालय की है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि OSM प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण कई छात्रों के अंकों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलताओं में से एक बताते हुए मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उधर, केंद्र सरकार ने सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला करते हुए जांच समिति गठित की है, जो OSM प्रणाली से जुड़े मामलों की पड़ताल करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।