रामगढ़, 16 अप्रैल: उपायुक्त रामगढ़ फैज अक अहमद मुमताज ने बुधवार को मांडू प्रखंड अंतर्गत पुण्डी पंचायत के भुताही गांव का दौरा कर महिलाओं के लिए आयोजित महुआ संग्रहण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने लाभुक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को महुआ संग्रहण की उन्नत तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से “पिकअप तकनीक” पर जोर दिया गया, जिससे कम समय में अधिक और गुणवत्तापूर्ण संग्रहण संभव हो सके। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं प्रसंस्करण करने पर महुआ का बाजार मूल्य बढ़ता है, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि होती है।
महिलाओं को महुआ के सुरक्षित भंडारण, सही तरीके से सुखाने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय भी सिखाए गए। इस मौके पर उपायुक्त श्री मुमताज ने कहा कि झारखंड में महुआ केवल वन उपज नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उपायुक्त ने महिलाओं को नियमित रूप से सीखी गई तकनीकों का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे उनकी आय दोगुनी तक हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से बाजार से जोड़ने और उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने का भरोसा भी दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच चेक का वितरण किया गया। उपायुक्त ने महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अग्रगति संस्था द्वारा GIZ संस्था एवं JHAMFCO FED, रांची के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुण्डी पंचायत की मुखिया श्रीमती रोपण देवी ने अतिथियों का पारंपरिक माला पहनाकर स्वागत किया, वहीं ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से अतिथियों का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर परियोजना प्रभारी किरण शंकर दत्त, जिला समन्वयक रूपेश ठाकुर, श्याम सुंदर महतो, मोहम्मद बिलाल अंसारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गौतम कुमार शर्मा, GIZ से अनिशा सरकार, शुभम एवं शरद, JHAMFCO FED से अभिनव मिश्रा एवं चंद्रशेखर तिवारी तथा झामुमो के सक्रिय नेता राजकुमार महतो सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें आजीविका के नए अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।