मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी पड़ी भारी, योगेंद्र साव कांग्रेस से तीन साल के लिए निष्कासित

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रांची, 14 अक्टूबर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य की गठबंधन सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी को इस कार्रवाई की प्रमुख वजह बताया गया है।

पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने इस संबंध में कार्रवाई की थी। कांग्रेस के अनुसार, योगेंद्र साव सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा गठबंधन सरकार के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे। पार्टी ने उनके बयानों को संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध माना।

दरअसल, बड़कागांव में एनटीपीसी की खनन परियोजना से संबंधित कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव के आवास को ध्वस्त किए जाने के बाद उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इसके बाद मामला कांग्रेस की अनुशासन समिति तक पहुंचा और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

योगेंद्र साव झारखंड की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। उनके परिवार का भी बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव रहा है। उनकी बेटी अंबा प्रसाद भी बड़कागांव की विधायक रह चुकी हैं।

इस कार्रवाई से झारखंड कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह भी रहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 25 जून 2026 को योगेंद्र साव के निष्कासन का आदेश वापस ले लिया था।