2000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लगेगा 0.4% MDR शुल्क, NPCI ने त्योहारों के मद्देनजर लिया निर्णय
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई के कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने के फैसले को दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह शुल्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था। अब इसे लागू करने की नई तारीख दिवाली के बाद घोषित की जाएगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2000 रुपये से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लगाने की योजना है। इस शुल्क का भुगतान व्यापारियों को बैंकों और भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को करना होगा। हालांकि, यह व्यवस्था सभी यूपीआई लेनदेन पर लागू नहीं होगी। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले भुगतान और 2000 रुपये तक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन को इस प्रस्तावित शुल्क से बाहर रखा गया है।
दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल भुगतान बढ़ जाते हैं। ऐसे में नए शुल्क को लागू करने से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। व्यापारिक संगठनों ने भी इस फैसले को त्योहारों के बाद लागू करने की मांग की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए NPCI ने शुल्क लागू करने की समय-सीमा आगे बढ़ा दी है।
फिलहाल यूपीआई के जरिए भुगतान करने वालों को प्रस्तावित नए MDR शुल्क से तत्काल राहत मिली है। हालांकि, शुल्क लागू करने की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। नई व्यवस्था लागू होने पर भी इसका दायरा चुनिंदा पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक ही सीमित रहने का प्रस्ताव है।