झारखंड हाईकोर्ट का आदेश: बांग्लादेशी नागरिक को जल्द प्रत्यर्पित किया जाए

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आपराधिक अपील खारिज, विदेशी नागरिकों के निर्वासन में अनावश्यक देरी पर अदालत सख्त

रांची, 14 अक्टूबर: झारखंड हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद नजमुल हवलदार की आपराधिक अपील खारिज करते हुए उसे जल्द बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। न्यायालय के इस रुख को विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश के रूप में देखा जा रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपील पर विचार करने के बाद उसे खारिज कर दिया और संबंधित अधिकारियों को मोहम्मद नजमुल हवलदार को जल्द बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। अदालत ने निर्वासन की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब को उचित नहीं माना।

न्यायालय के निर्देश के बाद संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी कि वे लागू कानूनों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ाएं।

यह आदेश विदेशी नागरिकों की पहचान, कानूनी स्थिति और निर्वासन से संबंधित मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई की समयबद्धता को रेखांकित करता है। हालांकि, मामले में लगाए गए मूल आरोपों, आपराधिक अपील के विस्तृत आधार और आदेश की तारीख से संबंधित अतिरिक्त विवरण उपलब्ध होने पर प्रकरण की पृष्ठभूमि को और स्पष्ट किया जा सकता है।

उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने सजा पूरी होने के बाद भी निर्वासन में देरी और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने 25 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया है।