छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी

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नई दिल्ली, 23 जुलाई: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही अदालत ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं।

यह मामला उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिनमें आरोप लगाया गया है कि 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। प्रदर्शनकारी कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च कर रहे थे।

सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से आरोपों पर विस्तृत जवाब मांगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। वहीं, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों का जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा।

इस मामले पर अब सभी पक्षों के जवाब दाखिल होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई तय करेगा। मामले ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।