रामगढ़, 04 जुलाई: राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) तथा तकनीकी अधिकारियों के साथ दुर्घटनास्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की गई और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक उपायों पर चर्चा की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटी के ब्लैक स्पॉट, तीखे मोड़, ढलान, सड़क की स्थिति, चेतावनी संकेतक, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन का जायजा लिया। एनएचएआई की तकनीकी टीम को दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल सुधारात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि चुट्टूपालू घाटी में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय और सुरक्षा अवसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए घाटी क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक तकनीकी सुधार, सुरक्षा उपकरणों की स्थापना तथा सड़क सुरक्षा संबंधी अन्य कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।
प्रशासन ने आम वाहन चालकों से अपील की है कि चुट्टूपालू घाटी से गुजरते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, ओवरटेकिंग से बचें तथा यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।