रामगढ़, 26 अप्रैल: माध्यमिक परीक्षा 2026 में खराब परिणाम को लेकर रामगढ़ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के सरकारी और उत्क्रमित उच्च विद्यालयों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने 64 विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि अत्यंत खराब प्रदर्शन करने वाले 12 स्कूलों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर झारखंड अधिविद्य परिषद एवं अन्य बोर्ड के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि कई विद्यालयों का परिणाम संतोषजनक नहीं रहा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं।
शत-प्रतिशत परिणाम नहीं देने वाले 52 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन स्कूलों को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। इनका उत्तीर्ण प्रतिशत 87% से 99% के बीच रहा है।
समीक्षा में 12 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए, जिनका परिणाम अत्यंत खराब रहा। इन स्कूलों का पास प्रतिशत 68% तक गिर गया। इसके बाद संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं टीजीटी शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। संतोषजनक जवाब मिलने तक वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
जिले के सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों में उत्क्रमित उच्च विद्यालय लपंगा (68%), छत्तरमांडू (71%), डाड़ीडीह (73%), बीचा (75%) और कंजगी (78%) शामिल हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जहां कई विद्यालयों ने शत-प्रतिशत परिणाम देकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है, वहीं कुछ विद्यालयों का लगातार कमजोर प्रदर्शन चिंताजनक है। यह शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से की गई है। भविष्य में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों की नियमित निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी।