रामगढ़, 7 जुलाई 2025: रामगढ़ जिला प्रशासन ने आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अगले छह महीनों में जिले के 2 लाख लोगों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 15 जुलाई 2025 तक 2500 आपदा मित्र और मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो अपने क्षेत्रों में लोगों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर की ट्रेनिंग देंगे।
सोमवार को प्रशिक्षण के दूसरे दिन उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने रामगढ़ के टाउन हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, गोपनीय शाखा के प्रभारी रविंद्र कुमार गुप्ता और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षण लेना आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समाज में जागरूक और संवेदनशील नागरिकों के निर्माण का भी प्रतीक है। प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपात स्थिति में जीवन रक्षक सहायता प्रदान कर कई जिंदगियां बचा सकते हैं।” उन्होंने प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया।
उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए प्रशिक्षणार्थियों से दी गई जानकारी को ध्यान से समझने और किसी भी संदेह को तुरंत दूर करने की सलाह दी।
प्रशिक्षण में चिकित्सकों और ऑडियो-विजुअल सामग्री के जरिए सीपीआर, रक्तस्राव, जलन, फ्रैक्चर, डूबने, सांप के काटने और अन्य आपात स्थितियों में किए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।
यह प्रशिक्षण 15 जुलाई तक चलेगा, जिसके बाद 2500 मास्टर ट्रेनर जिले के 2 लाख लोगों को आपातकालीन प्राथमिक उपचार और सीपीआर का प्रशिक्षण देंगे।