तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली, 13 मई: कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) के भारी बहुमत (102 सीटें) से जीत हासिल करने के एक सप्ताह बाद भी केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों और विधायकों की राय के अनुसार AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल इस रेस में सबसे मजबूत स्थिति में हैं।
कांग्रेस के 63 निर्वाचित विधायकों में से 47 ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक से मुलाकात के दौरान वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले वेणुगोपाल को हाईकमान की भी पसंद माना जा रहा है। दिल्ली में सोमवार-मंगलवार को हुई अहम बैठकों में भी ज्यादातर नेताओं ने उनका नाम आगे रखा।
मुख्य दावेदार
• केसी वेणुगोपाल (अलाप्पुझा लोकसभा सांसद): विधायकों का बड़ा समर्थन, संगठनात्मक अनुभव और हाईकमान का भरोसा।
• वीडी सतीशन (वर्तमान नेता प्रतिपक्ष): ग्रासरूट कार्यकर्ताओं और सहयोगी दल IUML का समर्थन।
• रमेश चेन्निथला: अनुभवी नेता, लेकिन रेस मुख्य रूप से वेणुगोपाल और सतीशन के बीच सिमट गई है।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी अंतिम फैसला लेंगे। सूत्रों के मुताबिक फैसला आज या कल तक घोषित हो सकता है। गवर्नर ने 23 मई तक सरकार बनाने की डेडलाइन दी है।
वेणुगोपाल लोकसभा सांसद हैं, इसलिए उनका मुख्यमंत्री बनना तय हुआ तो अलाप्पुझा लोकसभा सीट और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने पड़ेंगे। IUML जैसे सहयोगी दल सतीशन को पसंद करते हैं, जिससे गठबंधन की एकता बनाए रखना चुनौती है।
UDF की इस ऐतिहासिक जीत ने 10 साल के वामपंथी शासन का अंत किया है। पार्टी अब उम्मीद कर रही है कि जल्द फैसला लेकर नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का गठन किया जाएगा।
केरल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “विधायकों की इच्छा साफ है। हाईकमान जल्द फैसला लेगा ताकि विकास कार्यों पर फोकस किया जा सके।”