भारत ड्रोन टेक्नोलॉजी में जल्द ही अग्रणी राष्ट्र बनेगा – कुलाधिपति बी. एन. साह
राधा गोविंद विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला के संयुक्त तत्वावधान में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर एक सप्ताह के बूट कैंप का भव्य उद्घाटन 3 मार्च 2025 को विश्वविद्यालय प्रांगण में हुआ। यह बूट कैंप 3 मार्च से 7 मार्च 2025 तक चलेगा।
इस कार्यशाला का उद्घाटन कुलाधिपति बी. एन. साह, विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला के प्रोफेसर डॉ. जे. श्रीनिवास (मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग) एवं डॉ. पी. यस. बालाजी की देखरेख में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा वित्तपोषित किया गया है।
कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को नवीनतम ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण देना है। बूट कैंप के दौरान दो दिवसीय एयर शो का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राएं ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यावहारिक और तकनीकी पक्षों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
गणमान्य अतिथियों के विचार
कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने संबोधन में कार्यशाला के सफल आयोजन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “भारत बहुत जल्द ड्रोन टेक्नोलॉजी में अग्रणी राष्ट्र बनेगा।”
सचिव प्रियंका कुमारी ने सभी प्रतिभागियों को ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया और कहा कि “इस क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं, जो भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगी।”
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति डॉ. रश्मि, कुलसचिव डॉ. निर्मल कुमार मंडल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, प्रबंध समिति के सदस्य अजय कुमार, एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. कौशिक कुमार (B.I.T. मेसरा) ने प्रथम सत्र में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर विस्तृत व्याख्यान दिया और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
बूट कैंप के संचालन में योगदान देने वाले विशेषज्ञ
इस कार्यशाला में NIT राउरकेला के डॉ. बिप्लब चक्रवर्ती और डॉ. चिकेश रंजन बतौर विशेषज्ञ अपना योगदान देंगे। इसके अलावा, इस बूट कैंप के सफल आयोजन में डॉ. धीरज कुशवाहा (भौतिकी विभाग), डॉ. विश्वदीपक कुमार (मैकेनिकल विभाग), डॉ. संजय कुमार (कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) सहित फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अन्य सभी व्याख्यातागण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. अवनीश कुमार (विभागाध्यक्ष, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने बूट कैंप के उद्देश्य और इसकी संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अंत में, निशा रानी (व्याख्याता, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस बूट कैंप में इंजीनियरिंग संकाय के सभी व्याख्यातागण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।