रांची, 07 नवंबर: झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। सत्र के दौरान राज्य सरकार वित्तीय एवं विधायी कार्यों के साथ-साथ राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा करेगी।
सत्र में विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। वहीं, सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को सदन में रख सकता है।
हालांकि यह सामान्य शीतकालीन सत्र नहीं, बल्कि दो दिवसीय विशेष सत्र होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में 25 और 26 नवंबर को विशेष सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट ने बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई थी।
सत्र के दौरान केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून (MMDR) पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, खनिज संपदा वाली जमीन पर सेस लगाने के राज्य सरकार के अधिकार और इससे राज्य को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विषय भी सदन में चर्चा के केंद्र में रहेगा। साथ ही, राज्य के आर्थिक हितों की रक्षा और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि इन मुद्दों का झारखंड के आर्थिक हितों और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विधानसभा में इन पर विस्तार से चर्चा जरूरी है।