JTET अभ्यर्थियों ने मांगे 20 से 25 फीसदी ग्रेस मार्क्स, परीक्षा में गड़बड़ियों का लगाया आरोप

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रांची, 07 नवंबर: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा से जुड़ी कथित विसंगतियों को लेकर 20 से 25 प्रतिशत तक ग्रेस मार्क्स देने की मांग उठाई है। शुक्रवार, 6 नवंबर को ऑल स्टेट बीएड-डीएलएड स्टूडेंट्स एसोसिएशन, झारखंड ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से अभ्यर्थियों के हित में हस्तक्षेप करने की अपील की। संगठन के अध्यक्ष काजल मंडल ने कहा कि परीक्षा में हुई त्रुटियों का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।

काजल मंडल ने बताया कि झारखंड में करीब दस वर्षों के अंतराल के बाद JTET परीक्षा आयोजित की गई है। इससे पहले वर्ष 2016 में परीक्षा हुई थी। लंबे समय तक परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ गई है। कई अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा शिक्षक बनने का महत्वपूर्ण अवसर है।

एसोसिएशन ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा से पहले आधिकारिक मॉडल प्रश्नपत्र जारी नहीं किए गए थे। इसके अलावा कुछ विषयों के प्रश्नों में त्रुटियां और प्रश्नपत्र के कुछ सेट में प्रश्नों के क्रमांक में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं। इससे अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट भरने में परेशानी हुई। संगठन का दावा है कि सीमित समय के कारण कई परीक्षार्थियों के उत्तर भरने में गलतियां होने की आशंका है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला अभ्यर्थियों और पारा शिक्षकों की समस्याओं को भी उठाया गया। संगठन का कहना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों और सरकारी कार्यों के दबाव के कारण कई अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय और संबंधित विभागों के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। संगठन ने परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा कर अभ्यर्थियों को 20 से 25 प्रतिशत तक ग्रेस मार्क्स देने पर विचार करने की मांग की है।

हालांकि, ग्रेस मार्क्स देने को लेकर सरकार या झारखंड एकेडमिक काउंसिल श की ओर से किसी निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और जैक के अगले कदम पर टिकी हैं।