बाबा बैद्यनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर में हुए शामिल
देवघर, 04 नवंबर: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत सोमवार को झारखंड के देवघर पहुंचे। उनके आगमन पर देवघर एयरपोर्ट पर न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। वहीं, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप-01) के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इस अवसर पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश केके झा, झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजन अस्थाना, संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल, डीआईजी अंबर लकड़ा, उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीन पुष्कर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद मुख्य न्यायाधीश बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
इसके बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत देवघर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर में शामिल हुए। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक न्याय एवं कानूनी सहायता पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्याय का वास्तविक अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक उसके अधिकारों का लाभ पहुंचाना है। न्याय व्यवस्था को केवल अदालतों और कानूनी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों तक स्वयं पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने स्थानीय भाषाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। शिविर के दौरान प्रोजेक्ट शिशु सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच सहायता एवं परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। रांची और पलामू में लीगल एड क्लीनिक का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया गया।