रांची, 21 सितंबर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति ने साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है।
अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि हाल में मीडिया के माध्यम से योगेंद्र साव द्वारा दिए गए कुछ बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। समिति के अनुसार, उनके कथित बयान पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत हैं।
मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर साव की हालिया टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है। इससे पहले भी मार्च 2026 में पार्टी ने अनुशासन के उल्लंघन का हवाला देते हुए साव को तीन साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया था। हालांकि, जून में प्रदेश कांग्रेस ने उनका निष्कासन वापस लेते हुए पार्टी में उनकी वापसी कराई थी।
नोटिस में कांग्रेस अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि पार्टी में नेताओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन संगठनात्मक अनुशासन का पालन भी जरूरी है। पार्टी मंच के बाहर दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान, जो पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत हों, उन्हें अनुशासन का विषय माना जा सकता है।
अब योगेंद्र साव के जवाब के बाद कांग्रेस की अनुशासन समिति आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।