रांची, 22 अगस्त: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चले लंबे छात्र आंदोलन के बाद राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में है। करीब 26 दिनों तक आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहे स्टेडियम के मुख्य गेट पर प्रशासन ने ताला लगा दिया है। परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। जगह-जगह बैरिकेडिंग किए जाने से पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। प्रशासन का उद्देश्य स्टेडियम परिसर में दोबारा बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और किसी नए आंदोलन की संभावना को रोकना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अभ्यर्थियों ने लंबे समय तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दिया था। आंदोलनकारियों ने विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। आंदोलन के दौरान कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे थे।
आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्रों की ओर से आभार यात्रा निकाले जाने की बात सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्टेडियम को बंद कर दिया और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो और बिना अनुमति भीड़ जमा न हो।
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों और सरकार के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठाई जाती रही है। अब स्टेडियम में तालाबंदी और धारा 163 लागू होने के बाद आंदोलन स्थल पर गतिविधियां पूरी तरह नियंत्रित कर दी गई हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्टेडियम के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।