रांची, 12 अगस्त: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर रांची में हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा की ओर से मंगलवार को बुलाए गए झारखंड बंद का राज्य में मिलाजुला असर देखने को मिला। राजधानी रांची समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतरे और बाजार बंद कराने तथा वाहनों का परिचालन प्रभावित करने का प्रयास किया। वहीं कई क्षेत्रों में दुकानें खुली रहीं और जनजीवन सामान्य भी नजर आया।
रांची में बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर सड़क जाम किया और टायर जलाकर विरोध जताया। विधानसभा घेराव की कोशिश के दौरान एबीवीपी के करीब 200 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट है। पुलिस और प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
राज्य के विभिन्न जिलों में बंद का असर अलग-अलग रहा। गिरिडीह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कई जगह सड़क जाम किया। साहिबगंज में भी बाजारों में बंदी का असर दिखा, जबकि कुछ इलाकों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। इससे स्पष्ट रहा कि बंद का प्रभाव पूरे राज्य में समान नहीं था।
राजधानी समेत कई स्थानों पर स्कूल, सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान खुले रहे। हालांकि सड़कों पर प्रदर्शन और कुछ जगह यातायात बाधित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
भाजपा ने बंद को छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध से जोड़ते हुए राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि रोजगार परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। दूसरी ओर, सरकार और प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
छात्र आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड में राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। बंद के दौरान हुए प्रदर्शन ने इस मुद्दे को एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।