रांची, 09 अगस्त: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन को एक नया समर्थन मिला है। इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन आंदोलन के पक्ष में उतर आया है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रथिन भद्रा ने छात्रों की मांगों का पूर्ण समर्थन जताते हुए कहा कि युवाओं की समस्या सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रोजगार, स्टार्टअप, नवाचार और भविष्य के सवाल भी जुड़े हैं।
रथिन भद्रा ने कहा, “ये युवा बाहरी नहीं हैं। ये झारखंड के घरों के बच्चे हैं। यही कल के शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और नौकरी देने वाले युवा हैं। इनकी आवाज दबाने के बजाय सुनने की जरूरत है।” उन्होंने जोर दिया कि एक छात्र परीक्षा देकर नौकरी पाने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरा स्टार्टअप खड़ा करके नौकरी देने की कोशिश कर रहा है। दोनों की मेहनत झारखंड के भविष्य की नींव है।
एसोसिएशन ने झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार से सार्वजनिक जानकारी मांगी है कि नवाचार निधि से कितने स्टार्टअप को सहायता मिली, कितने को सरकारी परियोजनाएं या खरीद में अवसर मिला, कितने युवाओं को प्रशिक्षण-मार्गदर्शन मिला और नीति के बजट में से कितनी राशि खर्च हुई। साथ ही “स्टार्टअप झारखंड” नाम और डिजिटल पहचान के उपयोग पर भी स्पष्टता की मांग की गई है।अ
एसोसिएशन ने मांग की है कि जेपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की वैध मांगों पर तत्काल उच्चस्तरीय संवाद किया जाए तथा परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही झारखंड स्टार्टअप नीति-2023 के क्रियान्वयन का लेखा-परीक्षण कराने, स्टार्टअप एवं नवाचार के नाम पर खर्च किए गए सरकारी कोष का स्वतंत्र ऑडिट कराकर श्वेत पत्र जारी करने और परीक्षा व्यवस्था, स्टार्टअप नीति तथा संबंधित योजनाओं में संभावित अनियमितताओं की समग्र सीबीआई जांच कराने की भी मांग की गई है।
छात्र 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनकी मुख्य मांगों में 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करना, जेएसएससी-सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था शामिल है। कई संगठनों और व्यक्तित्वों से समर्थन मिलने के बाद अब स्टार्टअप क्षेत्र का यह संगठन भी छात्रों के साथ खड़ा हो गया है।