डीपीआर के अनुसार हो सभी कार्य, दुकानदारों के पुनर्वास और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा
रांची/रामगढ़, 07 अगस्त: झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ जिले के विश्व प्रसिद्ध रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुरूप ही पूरे किए जाएं।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि मंदिर परिसर का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी समुचित विकास किया जाए। अदालत ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।
कोर्ट ने मंदिर परिसर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने को कहा। न्यायालय ने निर्देश दिया कि प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया मानवीय और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ उनकी आजीविका भी प्रभावित न हो।
मानसून को देखते हुए अदालत ने प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। विशेष रूप से भैरवी और दामोदर नदी के संगम क्षेत्र में बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को नियमित रूप से परियोजना की प्रगति की निगरानी करने तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है, इसलिए इसके समग्र विकास में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।