जेपीएससी परीक्षा विवाद पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा बयान, बोले– ‘जांच की आंच मेरे घर तक आए तो भी अफसर न हिचकें’

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भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर सरकार ने दोहराई निष्पक्ष जांच की बात, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

रांची, 07 अगस्त: झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि जांच की आंच उनके घर तक भी पहुंचती है तो अधिकारियों को किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है और कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करें और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं को न्याय दिलाना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्र संगठन परीक्षा रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच सरकार ने पहले ही मामले की जांच शुरू होने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री के इस बयान को जांच प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप न होने देने और पारदर्शी कार्रवाई के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।