पांच एकड़ भूमि के शीघ्र हस्तांतरण का आग्रह, 16 वर्षों से अस्थायी भवन में संचालित हो रहा है विद्यालय
रामगढ़/नई दिल्ली, 31 जुलाई: भुरकुंडा में केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर निर्माण की दिशा में पहल तेज हो गई है। नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी से मुलाकात कर बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधि ने गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की उपस्थिति में केंद्रीय विद्यालय भुरकुंडा के लिए स्थायी भवन निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि केंद्रीय विद्यालय, भुरकुंडा वर्ष 2009 से जर्जर एवं असुरक्षित घोषित भवन के कारण पिछले लगभग 16 वर्षों से अस्थायी परिसर में संचालित हो रहा है। विद्यालय को भुरकुंडा से लगभग 13 किलोमीटर दूर बड़का सयाल स्थित सीसीएल के पुराने जीएम कार्यालय भवन में स्थानांतरित किया गया था, जहां आज भी सीमित संसाधनों के बीच शिक्षण कार्य चल रहा है।
मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान अस्थायी परिसर में पर्याप्त भूमि, खेल मैदान, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट कक्षाएं तथा अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव है, जिससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भुरकुंडा रिवर साइड क्षेत्र में लगभग पांच एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर के लिए पहले से चिन्हित है। हालांकि, यह भूमि Coal Bearing Areas Act के तहत अधिग्रहित होकर सीसीएल के अधीन होने के कारण वर्षों से भूमि हस्तांतरण लंबित है।
केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया गया कि सीसीएल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देकर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए, ताकि स्थायी विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हो सके और क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक के बाद उम्मीद जताई गई कि केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद भूमि हस्तांतरण और विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। जनप्रतिनिधि ने कहा कि भुरकुंडा क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी केंद्रीय विद्यालय उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और इस मांग की पूर्ति तक उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा।