राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण का लिया संकल्प

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रामगढ़, 30 जुलाई: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग में बुधवार को बाघ संरक्षण, जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाघों और वन्यजीवों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रजाति हैं। उनका संरक्षण प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार तथा प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को बाघों के संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि “बाघ बचेंगे तभी जंगल बचेंगे और जंगल बचेंगे तभी पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।”

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बाघ संरक्षण विषय पर अपने विचार व्यक्त किए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। जंतु विज्ञान विभाग की डॉ. अपराजिता सोनी एवं श्याम महतो ने विद्यार्थियों से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।