नई दिल्ली, 26 जुलाई: करीब डेढ़ महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्र सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद संगठन ने तत्काल प्रभाव से आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। यह फैसला केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताने के बाद लिया गया।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इनमें आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को नियमानुसार सहायता देने तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार पर आगे चर्चा करने का आश्वासन शामिल है। संगठन ने कहा कि वह सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर नजर रखेगा।
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और परीक्षा सुधार से जुड़े सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी। इसके बाद CJP ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्वक घर लौटने और आंदोलन समाप्त करने की अपील की।
आंदोलन की समाप्ति के साथ जंतर-मंतर पर जारी धरना खत्म हो गया। CJP ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार तय समयसीमा में अपने वादों को पूरा नहीं करती है, तो आगे की रणनीति पर पुनः विचार किया जाएगा।