नई दिल्ली, 16 जुलाई: संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले परिसीमन विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ एनडीए सरकार इस मुद्दे पर आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है, जबकि विपक्षी दलों के बीच इसे लेकर लगातार बैठकें और मंथन जारी हैं। कई क्षेत्रीय दलों ने भी अपने रुख को लेकर अलग-अलग संकेत दिए हैं।
परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं तथा सीटों का पुनर्निर्धारण करना है। इस विषय पर पहले भी संसद में तीखी बहस हो चुकी है। दक्षिण भारत के कई दलों का कहना है कि केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण करने से जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों के साथ अन्याय हो सकता है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि सभी राज्यों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
मानसून सत्र से पहले विपक्ष इस मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने में जुटा है। वहीं, कुछ दलों ने परिसीमन विधेयक पर सशर्त समर्थन के संकेत दिए हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।