नई दिल्ली/रांची, 09 जुलाई: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम का उद्देश्य ‘विजन 2050’ के तहत झारखंड के दीर्घकालिक विकास की रणनीति तैयार करना और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं एवं निवेशकों से सुझाव प्राप्त करना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, मानव संसाधन और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है। सरकार राज्य को निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के ऐसे मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समावेशन और सतत विकास को भी समान महत्व दिया जाए।
इस अवसर पर झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने राज्य में निवेश, आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और औद्योगिक विकास पर अपने सुझाव साझा किए।
सरकार के अनुसार, यह राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन झारखंड के ‘विजन 2050’ को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे राज्य में निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नई सोच, नई ऊर्जा और नवाचार के बल पर झारखंड आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।