रांची, 01 जुलाई: झारखंड में लंबे समय से लंबित भूमि सर्वेक्षण (लैंड सर्वे) कार्य में हो रही देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह भूमि सर्वे की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति और शेष कार्य को पूरा करने की समय-सीमा संबंधी विस्तृत हलफनामा अदालत में प्रस्तुत करे।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि भूमि सर्वे में लगातार हो रही देरी से भूमि विवाद बढ़ रहे हैं और सरकारी तथा निजी जमीनों के रिकॉर्ड अद्यतन नहीं हो पा रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य में पारदर्शी भू-अभिलेख व्यवस्था और नागरिकों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए सर्वे कार्य शीघ्र पूरा होना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि सर्वे का कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है और कुछ जिलों में इसे पूरा भी किया जा चुका है। हालांकि, अमीनों के रिक्त पद, तकनीकी संसाधनों की कमी तथा अन्य प्रशासनिक कारणों से कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।
हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई तक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट और सर्वे कार्य पूरा करने की स्पष्ट समय-सीमा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। मामले की अगली सुनवाई हलफनामा दाखिल होने के बाद होगी।